…… नहीं होता
Vivek Singh विवेक सिंह 28/06/2017
Vivek Singh विवेक सिंह 28/06/2017
कोस कर प्रारब्ध के होना कभी हताश मत ।
परास्त के आयुध में बस दृढ़-कर्म नहीं होता ।।
परास्त के आयुध में बस दृढ़-कर्म नहीं होता ।।
धनुर्धर अर्जुन के कौशल से ईर्ष्या मत कर हे कौरव ।
ज्ञात हो अभ्यासरत वह गुडाकेश, रातभर नहीं सोता ।।
ज्ञात हो अभ्यासरत वह गुडाकेश, रातभर नहीं सोता ।।
बड़प्पन निरन्तर सहने, चलते रहने और मौन में है ।
सियार-कुक्कुर के जैसे तो सिंह कभी भी नहीं रोता ।।
सियार-कुक्कुर के जैसे तो सिंह कभी भी नहीं रोता ।।
आकर्षित कर ही लेती है सभी को सदगुणों की सुगंध, वरन ।
रातरानी व चन्दन पर कभी लिपटा भुजंग नही होता ।।
रातरानी व चन्दन पर कभी लिपटा भुजंग नही होता ।।
बृहद आकार देखकर गुब्बारे का, न होना भ्रमित ।
उड़ जाता है वो, जिसमे अपना वज़न नहीं होता ।।
उड़ जाता है वो, जिसमे अपना वज़न नहीं होता ।।